नुकसान बाद में दिखता है
नकली कीटनाशक का असली नुकसान पैसे का नहीं, समय का है। छिड़काव के बाद दस दिन इंतज़ार करते हैं, कुछ नहीं होता — और तब तक कीट पर काबू पाने की खिड़की बंद हो चुकी होती है।
पैक उठाते ही यह देखें
- सील: ढक्कन की सील टूटी या दोबारा चिपकाई हुई हो तो न लें
- बैच नंबर: पैक पर छपा हो, स्टिकर पर नहीं
- पंजीकरण संख्या: हर कीटनाशक पर CIB&RC पंजीकरण संख्या होती है
- वर्णन: तकनीकी नाम और प्रतिशत लिखा हो, सिर्फ़ ब्रांड नाम नहीं
- छपाई: धुंधली छपाई, वर्तनी की गलती, रंग का फर्क — ये सब संकेत हैं
पक्का बिल लीजिए
कच्ची पर्ची नहीं, पक्का बिल। बिल पर उत्पाद का नाम, बैच नंबर और दुकान का नाम होना चाहिए। शिकायत करनी पड़े तो यही काम आता है।
खाली डिब्बा मत फेंकिए
छिड़काव के बाद खाली पैक कम से कम एक फसल तक संभालकर रखिए। असर न हुआ तो बैच नंबर के बिना कोई जाँच नहीं हो सकती।
शक हो तो
खरीदने से पहले दुकानदार से पंजीकरण संख्या दिखाने को कहिए। जो दुकान दिखाने में हिचकिचाए, वहाँ से न लें।


